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VOL. 6, ISSUE 1 (2020)
जनजातिय विकास योजनाओं के प्रभावों का मूल्यांकन आदिवासी विकासखण्ड गोहपारू की बैगा जनजाति का प्रतीक भौगोलिक अध्ययन
Authors
डाॅ. कल्पना खरे
Abstract
मध्यप्रदेश के पूर्वी अँचल के शहडोल जिला के गोहपरू विकासखण्ड के वनाच्छादित क्षेत्र में बेगा जनजाति के 9560 व्यक्ति निवास कर रहे है; जिनमें 4485 पुरूष एवं 5075 महिलाएँ है। आर्थिक- सामाजिक दृष्टि से क्षेत्र में निवास कर रही अन्य जनजातियों की तुलना में यह बहुत पिछड़ी हुई जनजाति है। केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा इनके आर्थिक, सामाजिक उन्नयन हेतु विभिन्न योजनाओं का कृयान्वय किया जा रहा है। सात्क्षात्कार सूची आधारित किए गए शोधकार्य के आधार पर इस जनजाति में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी योजनाओं के लाभ लेने की प्रवृत्ति तो दृष्टिगोचर होती है, किन्तु अन्य योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के अवसरों की झुकाव की प्रवृत्ति कम मिलती है, जिसके संभावित कारणों में इन योजनाओं की जानकारी की कमी, योजना का लाभ प्रदाय के स्वरूप में त्रुटियाँ एवं इनका संकोची स्वभाव हो सकते है, जिनके निराकारण द्वारा ही समग्र योजनाओं के लाभ प्राप्ति की ओर ही ये लोग उन्मुख हो सकेगें।
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Pages:77-79
How to cite this article:
डाॅ. कल्पना खरे "जनजातिय विकास योजनाओं के प्रभावों का मूल्यांकन आदिवासी विकासखण्ड गोहपारू की बैगा जनजाति का प्रतीक भौगोलिक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 6, Issue 1, 2020, Pages 77-79
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