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VOL. 6, ISSUE 3 (2020)
जायसी: रोमानी प्रेम के सूफी शिल्पकार
Authors
प्रभात कुमार
Abstract
पद्मावत में शुद्ध रोमानी प्रेम है तथा विलगाव से लगाव तक की प्रेम कथा समाहित है साथ ही प्रेम के माध्यम से खुदा के नूर की कल्पना की गई है और फिर पद्मावत में एक साथ दो कथा समान्तर चलने लगती है एक लौकिकता के स्तर पर दूसरा इहलौकिकता के स्तर पर। कृत्रिमता का लेस मात्र भी पद्मावत में दिखाई नहीं देता है। प्रकृति से लगाव, प्रकृति के सहयोग से प्रेम तत्त्व के निरूपण में जायसी अपने समकालीन कवियों से काफी आगे दिखाई देते हैं। पद्मावत की सबसे सबसे बड़ी खासियत है इसका त्रासदी में बदल जाना जिसके द्वारा मन का विरेचन होता है। जबकि यह सिर्फ मन का ही विरेचन नहीं है वरन दैहिक प्रेम का सम्पूर्ण विरेचन है और अध्यात्मिक और रोमानी प्रेम का समन्वय है।
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Pages:113-115
How to cite this article:
प्रभात कुमार "जायसी: रोमानी प्रेम के सूफी शिल्पकार". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 6, Issue 3, 2020, Pages 113-115
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