International Journal of Humanities and Social Science Research

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International Journal of Humanities and Social Science Research
International Journal of Humanities and Social Science Research
Vol. 6, Issue 6 (2020)

थारू महिलाओं पर संचार क्रांति का प्रभावः एक समाजशास्त्रीय अध्ययन जनपद उधम सिंह नगर के विशेष संदर्भ में


डाॅ. रवि कान्त कुमार

संचार मानव जीवन एवं विकास का आधार है। समाज में समय के साथ बदलते सामाजिक एवं मानवीय प्रतिमान संचार के सुव्यवस्थित प्रयोग का ही परिणाम है। मानव समाज आज विकास के जिस ऊँचाई पर खड़ा है, वहां तक पहुंचाने में बदलते संचार माध्यमों की अद्वितीय भूमिका रही है। आज इसका स्पष्ट प्रभाव राष्ट्रीय ही नहीं वरन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखा जा रहा है। आज विश्व के किसी एक छोर पर स्थित देशों में घटित होने वाली घटनाओं का प्रभाव दूसरे छोर पर स्थित देशों में स्पष्ट दिखाई देता है, जिसमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका संचार के क्षेत्र में आयी अप्रत्याशित परिवर्तन की रही है। राष्ट्रीय स्तर पर विगत तीन दशकों में संचार माध्यमों के क्षेत्र में तकनीकी के अकल्पनीय प्रयोग ने न केवल नगरीय समाज वरन् ग्रामीण एवं आदिवासी या जनजातीय समाज को भी व्यापक रूप में परिवर्तित करने का कार्य किया है। इसी परिवर्तन के कारण आज सम्पूर्ण विश्व समुदाय एक छत के नीचे खड़ा है। वर्तमान समय में संचार के बदलते स्वरूप एवं माध्यमों के कारण ही अधिकांश समुदायों में सांस्कृतिक संक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। वैश्विक स्तर पर महिला अधिकारों के लिए बुलंद होती आवाज, विभिन्न रूपों में हमारे सामने है। राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर महिलाओं के सर्वागीण विकास को समर्पित विविध योजनाएं इसी का परिणाम है। महिलाओं का कौशल विकास, आधुनिक शिक्षा की महिलाओं तक पहुंच स्थापित करने हेतु छात्रवृति का प्रावधान आदि इसी योजनाओं का एक उदाहरण मात्र है। जिसके कारण वर्तमान समय में महिलाओं की सामाजिक -आर्थिक प्रस्थिति में व्यापक परिवर्तन आया है। इस परिवर्तन की जद में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले विविध समुदायों के साथ-साथ दुर्गम एवं वनीय क्षेत्रों में निवास करने वाली जनजातीय समुदाय भी आ रहे हैं। थारू जनजातीय समुदाय जो उत्तराखंड की सर्वाधिक आवादी वाली जनजातीय समुदाय है, भी आज इससे अछूता नही रहा है। जनजातीय बालिका आवासीय विद्यालय खटीमा समेत अन्य जनजातीय एवं सामान्य शिक्षण संस्थानों में इनकी बढ़ती संख्या वक्त के साथ आये इस अप्रत्याशित परिवर्तन का ही परिणाम है।
संचार माध्यमों के रूप में अत्याधुनिक तकनीकी के प्रयोग ने थारू जनजातीय समुदायों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। इनका स्पष्ट प्रभाव इनके दैनिक जीवन की बदलती कार्य प्रणाली, आय के स्रोतों में बदलाव, महिलाओं की बदलती भूमिका, सांस्कृतिक बदलाव आदि के रूप में परिलक्षित होता है। थारू जनजातीय महिलाओं के पारंपरिक कार्यों में आधुनिक तकनीकी का प्रयोग, कृषि कार्यों के इतर अन्य कार्यों से जुड़ना, आधुनिक शिक्षा ग्रहण करना, प्रेम विवाह, पारंपरिक खान-पान में परिवर्तन आदि इनकी सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना निरंतर हो रहे परिवर्तन का ही परिणाम है। इससे इस समुदाय में सांस्कृतिक संक्रमण को बढ़ावा दिया है। जिससे इनके समक्ष अपने पारंपरिक सामाजिक संरचना को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस समाज में हो रहे इस प्रकार के बदलाव न केवल अध्ययन का विषय बन चुका है, वरन अन्य समुदायों के लिए भी यह एक प्रासंगिक उदाहरण साबित होगा। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत अध्ययन कार्य हेतु अध्ययन विषय के रूप में थारू महिलाओं पर संचार क्रांति का प्रभाव: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन जनपद उधम सिंह नगर के विशेष संदर्भ में शीर्षक का चयन किया गया है।
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डाॅ. रवि कान्त कुमार. थारू महिलाओं पर संचार क्रांति का प्रभावः एक समाजशास्त्रीय अध्ययन जनपद उधम सिंह नगर के विशेष संदर्भ में. International Journal of Humanities and Social Science Research, Volume 6, Issue 6, 2020, Pages 76-82
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