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VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
पहाड़ी कोरवा जनजाति के परांपरागत वैवाहिक, धार्मिक मान्यताएं एवं परिवर्तन का समाजशास्त्रीय अध्ययन
Authors
Veena Kujur, Akhil Yadu, Nister Kujur
Abstract
विश्व की सभी जनजातियों में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार ही छत्तीसगढ़ के पहाड़ी कोरवा जनजातियों की भी अपनी मान्यताएं हैं। पहाड़ी कोरवा जनजातियों में मान्यताएं बहुत ही विस्तृत हैं। मान्यताओं को जनजातीय समाज का प्रमुख तत्व माना जा सकता हैं। जिसका निर्वहन करना प्रत्येक जनजातीय समाज के सदस्यों को अनिवार्य होता हैं। जनजातीय समाज का सम्पूर्ण जीवन मान्यताओं से भरा पड़ा हैं। जीवन का प्रत्येक कार्य वे अपनी मान्यताओं के अनुसार ही करते हैं। इनके लिये धार्मिक त्यौहार व धार्मिक उत्सव महत्वपूर्ण होते हैं। जिसके लिए वे मनौती पूर्ण होने पर चढ़ावा चढ़ाते हैं। इस शोध पत्र में छत्तीसगढ़ के कोरवा जनजातियों के वैवाहिक व धार्मिक मान्यताओं पर परिवर्तन से संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया गया हैं।
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Pages:50-52
How to cite this article:
Veena Kujur, Akhil Yadu, Nister Kujur "पहाड़ी कोरवा जनजाति के परांपरागत वैवाहिक, धार्मिक मान्यताएं एवं परिवर्तन का समाजशास्त्रीय अध्ययन ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 50-52
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