International Journal of Humanities and Social Science Research

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International Journal of Humanities and Social Science Research
International Journal of Humanities and Social Science Research
Vol. 7, Issue 3 (2021)

भूमि पर महिलाओं के अधिकार की आवश्यकता


डॉ. सीमा

भूमि को ग्रामीण परिवेश में जीवन का पर्याय माना जाता है-अर्थात भूमि न केवल जीवनयापन अपितु उनकी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जरूरतों को भी पूरा करती है। भारत जैसे विकासशील देशों में भूमि के अधिकार को अन्य अधिकारों जैसे भोजन के अधिकार, काम के अधिकार और मानव अधिकार से संबंधित किया जाता हैं। वाबजूद इसके भूमि के हस्तांतरण, नियोजन एवं वितरण में लिंग आधारित फासले को सरलता से देखा जा सकता है। अतः भूमि से वंचित होने से न केवल महिलाओं की सशाक्तिरण की राह अवरूद्ध होती है बल्कि भूमि पर महिलाओं के अधिकारों का अभाव उनकी पहचान को प्रभावित करने से भी जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। भूमि पर महिलाओं का अधिकार उनकी पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करती है। लिहाजा भूमि पर महिलाओं का अधिकार उनके सशक्तिकरण में अहम् योगदान दे सकता है।
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डॉ. सीमा. भूमि पर महिलाओं के अधिकार की आवश्यकता. International Journal of Humanities and Social Science Research, Volume 7, Issue 3, 2021, Pages 115-117
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