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VOL. 7, ISSUE 5 (2021)
उत्तराखण्ड़ में बढ़ता युवा अपराध का समाजशास्त्रीय अध्ययन (उधम सिंह नगर जिले के संदर्भ में)
Authors
Ravender Singh
Abstract
समाज में अपराध एक सार्वभौमिक एवं सार्वकालिक घटना है। अपराध की दर एवं उसकी प्रकृति में समय के साथ परिवर्तन परिलक्षित अवश्य होते आये हैं, लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्यों क आधार पर यह स्पष्ट होता है कि ऐसा कोई समाज नहीं रहा है, जिसमें अपराध न पाया जाता हो। यह मानव की एक स्वभाविक प्रवृत्ति है, लेकिन जब असामाजिक कार्य की दर सामाजिक विकास में बाधक बन जाती है तब यह एक समस्या का रूप तक धारण करती है। आज के दौर में जबकि उपभोक्तावादी संस्कृति का प्रभाव समाज के हर वर्ग पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, असामाजिक कृत्य समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन गयी है। राष्ट्रीय स्तर पर कारित हो रहे अपराधिक कृत्यों के अवलोकन से यह भी स्पष्ट प्रतीत होता है कि इस प्रकार के कृत्यों में युवाओं की संलिप्तता सर्वाधिक है। युवा शक्ति समाज एवं राष्ट्र के विकास का आधार है। इसकी दिशा ही समाज एवं राष्ट्र की उन्नति एवं अवनति का निर्धारण करती है। यही कारण है कि आज यह न केवल समाज बल्कि सरकार एवं समाज वैज्ञानिकों के लिए भी गंभीर विचारनीय मुद्दा बन गया है। इन्हीं महत्व को आधार मानकर प्रस्तुत शोध पत्र का आलेखन किया गया है।
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Pages:8-11
How to cite this article:
Ravender Singh "उत्तराखण्ड़ में बढ़ता युवा अपराध का समाजशास्त्रीय अध्ययन (उधम सिंह नगर जिले के संदर्भ में) ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 5, 2021, Pages 8-11
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