International Journal of Humanities and Social Science Research

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International Journal of Humanities and Social Science Research
International Journal of Humanities and Social Science Research
Vol. 7, Issue 5 (2021)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के 15 वर्षः उपलब्धियों एवं चुनौतियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन


कविता पाण्डेय

वर्तमान युग सूचना का युग है। सूचना का संतुलित प्रयोग, प्रचार तथा प्रसार लोकतंत्र को अधिक कुशल, पारदर्शी तथा जनोन्मुखी बनाता है। लोकतंत्र का सामान्य अर्थ ‘जनता का शासन’ होता है। सूचना के अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेहिता बढ़ाना, भ्रष्टाचार को रोकना तथा हमारे लोकतंत्र को सही मायने में लोगों के लिए कार्य करने वाला बनाना है। यह अधिनियम नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जागरुक करने की दिशा में बड़ा कदम है। इस शोध पत्र का उद्देश्य पिछले 15 वर्षों में सूचना के अधिकार के कार्यान्वयन का परीक्षण करना है ताकि भविष्य में सूचना का अधिकार अपने मूल उद्देश्य कोे प्राप्त करने में पूर्णतया सफल हो सके।
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कविता पाण्डेय. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के 15 वर्षः उपलब्धियों एवं चुनौतियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन. International Journal of Humanities and Social Science Research, Volume 7, Issue 5, 2021, Pages 93-95
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