International Journal of Humanities and Social Science Research

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International Journal of Humanities and Social Science Research
Vol. 3, Issue 11 (2017)

रीवा जिले के नईगढ़ी ब्लाक में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजनाओं के निधि की लेखा प्रणाली का अध्ययन


डाॅ0 अर्पणा मिश्रा

भारत गाँवों का देश है यहाँ की 75 प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में निवास करती है। ग्रामीण गरीब जनता जहाँ मजदूरी करके अपना एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। वही केन्द्र सरकार द्वारा चलायी गयी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना में भारत का कोई भी वयस्क नागरिक हो जो बेरोजगार हो इस योजना के अन्तर्गत रोजगार पाने का हकदार है। मनरेगा योजना की निति एवं क्रियान्वयन अब तक की सभी योजनाओं से अलग रही है। विकासखण्ड नईगढ़ी के मजदूर भी इस योजना से अछूते नहीं रहे महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना विकासखण्ड नईगढ़ी जिला रीवा में सन् 2006 से ही लागू है। वहीं दूसरी तरफ मजदूरों ने इस योजना को अपनाया शोध अध्ययन के दौरान मजदूरों की जिन समस्याओं को पाया गया वह अमानवीय है, आत्मा को झकझोर देने वाली है। मानवीय पीड़ा की पराकाष्ठा है। उनकी व्यथा एवं वेदना कुछ अलग है और कही पर इतनी समस्याएँ नही है। गरीबी क्या होती है। वो तो गरीब मजदूर ही जानते है। जिनके पास दो वक्त रोटी की व्यवस्था के लिए रोजगार नही है, आचार्य रामकृष्ण परम हंस ने कहा था, ’’कोई व्यक्ति इतना गरीब न हो कि दूसरे को मुस्कान भी न दे सके।“ आज ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता की यह स्थिति है कि वह स्वयं विभिन्न सामाजिक आर्थिक राजनैतिक समस्याओं से पीड़ित है। सरकार की योजनाएं तो बहुत सी आती हैं, लेकिन यह सभी को पता है कि भारत एक गांवों का देश है जहाँ ग्रामीण जनता दूर-दूर तक जंगलो के किनारे बसी हुई है। विकासखण्ड नईगढ़ी तो रीवा जिले का सबसे पिछड़ा ब्लाँक है जहाँ की जनता के लिए सरकारी योजनाओं का पहुँचना नामुंकिन होता है विकासखण्ड नईगढ़ी ऐसा क्षेत्र है। जहां आज तक किसी भी प्रकार का औद्योगीकरण नही हुआ यदि विकासखण्ड के लोग अपना जीवन-यापन करते है। तो कृषि एवं मजदूरी करके अन्य किसी प्रकार का रोजगार यहाँ नही मुहैया हो सका हैं केन्द्र सरकार की मनरेगा योजना इसलिए चलायी गई की भारत का कोई भी नागरिक रोजगार के लिए अपना क्षेत्र छोड़ के शहरों में न जाये उसको उसके गाँव में ही रोजगार मिले, और गरीबी के स्तर को कम करके लोगों को गरीबी से ऊपर उठाया जाये। लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। गरीबी का औसत कम हो सके। जिससे भारत को एक समृद्ध एवं शक्तिशाली देश बनाया जा सके। आज यदि भारत पिछड़ा हुआ है तो सिर्फ गरीबी के कारण जनसंख्या वृद्धि भुखमरी, बेरोजगारी, बेकारी निर्धनता आदि। समस्याएं आज भी भारतीय सामाजिक व्यवस्था में देखने को मिलती है।
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