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VOL. 3, ISSUE 2 (2017)
शन्ति के लिए सयुक्त राष्ट्र संघ का प्रयास कोरिया युध्द के संदर्भ मे
Authors
डा. सी. के. भगत
Abstract
अन्तर्राष्ट्रीय संगठन का चरम उद्देष्य शांति का संरक्षण रहा है। प्रथम विष्व युद्ध की समाप्ति के उपरांत विष्व में शांति एवं सुव्यवस्था स्थापित करने के उद्देष्य से सन् 1919 के पेरिस शांति सम्मेलन में वर्साय संधि के प्रमुखतम अंग के रूप में राष्ट्रसंघ की स्थापना हुई। अन्तर्राष्ट्रीय संगठन के इतिहास की यह एक महान तथा युगान्तकारी घटना थी क्योंकि इसके साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति जीवन में एक नवीन व्यवस्था का सूत्रपात हुआ। इससे पूर्व कभी भी विष्व के राज्यों ने मिलकर अन्तर्राष्ट्रीय शांति की स्थापना के लिए ऐसे विष्वव्यापी तथा शक्तिषाली संगठन का निर्माण नहीं किया था। परन्तु इसकी स्थापना के बीस वर्ष बाद विष्व को द्वितीय विष्व युद्ध का सामना करना पड़ा। युद्ध के प्रारंभ होते ही पुनः शांति की स्थापना के लिये प्रयास शुरू हो गया। जिसके फलस्वरूप 26 जुन 1945 को सानफ्रांसिस्कों में पचास देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर पर हस्ताक्षर कर संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की। इस अन्तर्राष्ट्रीय संगठन का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को युद्ध के अभिशाप से मुक्ति दिलाना तय किया गया। परन्तु अपने स्थापना के कुछ वर्षो के बाद ही उत्तरी कोरिया और दक्षिणी कोरिया के बीच विवाद प्रारंभ हो गया। जिससे दोनों ही ओर से विश्व के दो महाशक्तियाँ सोवियत संघ और अमेरिका का समर्थन प्राप्त था। जिससे यह विवाद गहराता गया और अन्त में उत्तरी कोरिया द्वारा दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण के साथ ही युद्ध प्रारंभ हो गया। लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आक्रमण रोकने और शांति के प्रयास के फलस्वरूप यह युद्ध विकराल युद्ध का रूप धारण नहीं कर सकी और तीन वर्षो के बाद युद्ध विराम दोनों देशों के बीच हो जाने पर यह युद्ध समाप्त हो गया।
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Pages:111-113
How to cite this article:
डा. सी. के. भगत "शन्ति के लिए सयुक्त राष्ट्र संघ का प्रयास कोरिया युध्द के संदर्भ मे". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 3, Issue 2, 2017, Pages 111-113
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