International Journal of Humanities and Social Science Research

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International Journal of Humanities and Social Science Research
Vol. 4, Issue 5 (2018)

रीवा नगर निगम कार्यालय में कामकाजी महिलाओं की समस्याओं का समीक्षात्मक अध्ययन


नागेन्द्र कुमार वर्मा, डाॅ0 गायत्री मिश्रा

कामकाजी महिलाओं के लिए वर्तमान में नगर निगम कार्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों में समस्याएँ एवं उत्पीड़न की समस्या एक जटिल पहलू है जबकि कामकाजी महिलाओं की दिनचर्या का एवं उनके समक्ष एक चुनौती भरी जिम्मेदारी बच्चों से अलग एक ऐसी जगह पर व्यतीत होता है, जहाँ पर विभिन्न विचारधारा और भिन्न भिन्न स्वभाव के स्त्री पुरूष मिलते हैं। वह सबके साथ प्रेम और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण के साथ सामंजस्य बनाये रखना अति आवश्यक हो जाता है। बाहर की दुर्भावनाएँ जाने-अनजाने हमारे घर में घुस आती हैं और शान्ति के एक बसेरे को अक्रान्त कर देती है। खिलते हुए फूल की तरह बच्चे माता-पिता के गलत उदाहरणों को भी सीख लेते हैं और आगे चलकर उनके व्यक्तित्व का स्थाई अंश बन जाते हैं।
प्रस्तुत अध्ययन में रीवा नगर निगम कार्यालय में कामकाजी महिलाओं की विभिन्न समस्याओं को प्रकाश में लाने के लिए कार्यालय के क्षेत्राधिकार अन्तर्गत रीवा नगर निगम के विभिन्न वार्डों में कार्यरत महिलाओं का क्षेत्रीय अध्ययन के द्वारा लिये गये साक्षात्कार पद्धति से अनेक समस्याएँ उभर कर आई है। अध्ययन से यह ज्ञात हुआ है कि कामकाजी महिलाओं को स्वाभाविक रूप से दोहरे संसार में जीना पड़ता है। जिस कामकाज में वे लगी होती है उसी के आधार पर उसका दृष्टिकोण विकसित होता है, इसके ठीक विपरीत बच्चे किसी निश्चित दृष्टिकोण को लेकर चलने की अपेक्षा सभी ओर खुलना चाहते हैं। इसीलिए कभी-कभी माता-पिता और बच्चों के बीच किसी विषय पर मतभेद होता है, मतभेद के अवसरों पर कोई निर्णय करते समय माता-पिता को अपनी धारणा से चिपके नहीं रहना चाहिए, बल्कि परस्पर दृष्टिकोण केा समझने का प्रयास करना चाहिए। कामकाजी महिलाओं एवं उनके पतियों को ऐसा हल ढूंढना चाहिए कि जो बच्चों को संतुष्ट करने वाला हो तथा उनके दिल-दिमाग में किसी भी प्रकार की कुण्ठा एवं दूषित विचार नहीं आने चाहिए।
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