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VOL. 6, ISSUE 1 (2020)
भारतीय महिलाओं की बदलती हुई सामाजिक-आर्थिक प्रस्थिति का अध्ययन
Authors
डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन, डॉ. पुष्पा देवांगन
Abstract
समाज के निर्माण मे महिलाओं की भूमिका प्रमुख है। महिलाओं की स्थिति में समय-समय पर देश काल के अनुसार परिवर्तन होता रहा है। वर्तमान भारतीय समाज में अनेक बदलाव हुए हैं जिनका महिलाओं की स्थिति में भी कई बदलाव आये हैं तथा गरीब महिलाओं पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा, क्योंकि सैकड़ों वर्षों की परतन्त्रता की वजह से भारतवर्ष संसार के गरीब देशों में से एक है। भारतीय समाज की परम्परागत व्यवस्था में महिलायें आजीवन पिता, पति और पुत्र के संरक्षण में जीवन-यापन करती रही है। भारतीय संविधान में पुरूषों एवं महिलाओं को समाज दर्जा और अधिकार दिये जाने के बावजूद इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि विकास और सामाजिक स्तर की दृष्टि से महिलायें अभी भी कमजोर वर्गाें में शामिल है। महिला परिवार की आधारशिला है और सामाजिक विकास बहुत कुछ उसी के सद्प्रयासों से सम्भव है। स्त्रियां ही संतति की परम्परा में मुख्य भूमिका निभाती हैं फिर भी प्राचीन समाज से लेकन आधुनिक कहे जाने वाले समाज तक स्त्रियां उपेक्षित ही रही हैं। उन्हें कम से कम सुविधाओं, अधिकारों और उन्नति के अवसरों में रखा जाता रहा है, इसी कारण महिलाओं की परिस्थिति अत्यंत निचले स्तर पर है।
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Pages:118-120
How to cite this article:
डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन, डॉ. पुष्पा देवांगन "भारतीय महिलाओं की बदलती हुई सामाजिक-आर्थिक प्रस्थिति का अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 6, Issue 1, 2020, Pages 118-120
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