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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
जय प्रकाश नारायण के विचारों का दर्शन
Authors
अमरनाथ वर्मा
Abstract
आधुनिक भारतीय राजनीतिक विचारों से महात्मा गांधी और विनोबा भावे के बाद जयप्रकाश नारायण का नाम आता है। जनता ने अपने इस लोकप्रिय नेता को लोकनायक की उपाधि से सम्मानित किया जयप्रकाश नारायण जीवन भर भारत की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था में रूपान्तर के लिए नये-नये प्रयोग करने का प्रयास करते रहे। इसलिए उनकी विचार-यात्रा एक सीधी रेखा की तरह नहीं रही। उनकी विचार यात्रा तत्कालीन परिस्थितियों से प्रभावित रही। उन्होंने तत्कालीन भारत की राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक व्यवस्थाओं में गाँधीवादी मूल्यों व नैतिक मान्यताओं को लाने का प्रयास किया वे अपने जीवन के आरम्भिक दिनों में समाजवादी रहे। उन्होंने भारतीय राजनीति एवं समाज में समाजवाद के अनेक प्रयोग करे। वे भारतीय राजनीति को बुराइयों से मुक्त करके पुनः संरचना (Re construction) करना चाहते थे। वे राजनीतिक व्यवस्था की शक्ति की राजनीति, सत्ता लोलुपता की राजनीति हिंसा की राजनीति को लोकसत्ता और लोकनीति पर आधारित करना चाहते थे। उनका मानना था कि सत्ता एवं शक्ति का पिरामिड अपने सिर के बल खड़ा है जिसमें सत्ता व शक्ति नीचे के स्तर पर कम है और ऊपर के स्तर पर अधिक है। जयप्रकाश नारायण उसे सीधा खड़ा करना चाहते थे जिसमें नीचे के स्तर पर सत्ता और शक्ति अधिक हो और ऊपर के स्तर पर सत्ता व शक्ति कम हो।
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Pages:84-88
How to cite this article:
अमरनाथ वर्मा "जय प्रकाश नारायण के विचारों का दर्शन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 84-88
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