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VOL. 7, ISSUE 5 (2021)
'मैला आँचल' का राजनीतिक पक्ष
Authors
डॉ. सन्तोष कुमार पाण्डेय
Abstract
आधुनिक युग की विधा उपन्यास महाकाव्य का स्थानापन्न माना जाता है। महाकाव्य जैसी विविधता, फैलाव, सम्पूर्णतया उपन्यास में ही संभव होती है। ‘मैला आँचल’ आजादी के बाद का महान उपन्यास है। 1954 में प्रकाशित ‘मैला आंचल’ एक घटना थी। मैला आंचल वैसे तो एक आंचलिक उपन्यास है लेकिन यह विविधताओं से पूर्ण लगभग सभी गांवों का प्रतिनिधित्व करता है। ‘मैला आँचल’ में कथ्य की विविधता है, यह गहरे अर्थों में राजनीतिक उपन्यास है। ‘मैला आंचल’ में कांग्रेस, सोशालिस्ट पार्टी, कम्युनिष्ट, काली टोपी (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) प्रमुख राजनीतिक दल हैं लेकिन कांग्रेस एवं सोशलिस्ट पार्टियों का चित्रण अधिक मुखर हुआ है। इस लेख में मैं ‘मैला आंचल’ उपन्यास में निहित राजनीति की छानबीन करूंगा।
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Pages:115-117
How to cite this article:
डॉ. सन्तोष कुमार पाण्डेय "'मैला आँचल' का राजनीतिक पक्ष". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 5, 2021, Pages 115-117
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