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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
पंचायती राज व्यवस्थाः उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ में
Authors
डॉ. शक्ति गुप्ता, अविनाश प्रताप सिंह
Abstract
उत्तर प्रदेश में पंचायतों के विकास की प्रक्रिया की वैधानिक शुरूआत उत्तर प्रदेश पंचायती राज एक्ट 1947 दिनांक 7 दिसम्बर 1947 को गर्वनर जनरल के हस्ताक्षर के पश्चात पंचायतों की स्थापना से ही माना जाता है।1952 में एक समिति की स्थापना की गयी जिसमें अधिक अन्न उपजाओं (ग्रो मोर फूड) आन्दोलन का निरीक्षण किया गया और समिति के अनुसार यह कृषि विकास में ज्यादा सहायक सिद्ध नहीं हो सका था। इसके बाद देश का नवीन संविधान बना तो उसमें पंचायतों की स्थापना की व्यापक व्यवस्था की गयी। संविधान के अनुच्छेद 40 में राज्यों को यह निर्देश दिये गये कि राज्य सरकारें पंचायतों की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठायें और ग्रामीण स्तर पर सभी प्रकार के अधिकार एवं कार्य उन्हे देने का प्रयत्न करें। उत्तर प्रदेश की 5 करोड़ 40 लाख जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाली 35000 पंचायतों ने 15 अगस्त 1949 से कार्य करना आरम्भ किया। साथ ही लगभग 8 हजार पंचायत अदालते भी स्थापित की गयी।
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Pages:50-54
How to cite this article:
डॉ. शक्ति गुप्ता, अविनाश प्रताप सिंह "पंचायती राज व्यवस्थाः उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ में ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 50-54
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