Logo
International Journal of
Humanities and Social Science Research
ARCHIVES
VOL. 8, ISSUE 1 (2022)
भारतीय प्रशासन पर लोकतांत्रिक संस्थागत नियत्रंणः-एक अध्ययन
Authors
अमित सिंह नेगी
Abstract
परिपक्व लोकतंत्र में व्यापक लोकतांत्रिक मूल्यो की एक राजनीतिक, प्रशासनिक, संास्कृतिक स्वीकार्यता होती है। इससे ना सिर्फ उस लोकतंत्र के विकास स्वरूप की पुष्टि होती है बल्कि लोगो के मध्य विकसित होने वाले लोकतांत्रिक मूल्यो की पहचान भी सरलता से हो पाती है। जहाँ तक भारतीय प्रशासन में लोकतांत्रिक मूल्यो का प्रश्न है। इसे समझने के लिए हमें प्रशासन की संरचना एवं इसके स्वरूप पर दृष्टि डालने की अवश्यकता है, भारतीय प्रशासन पर कार्यकारी विद्यायी और न्यायिक नियत्रंण मुख्य रूप से संस्थागत है और उनकी सीमाएं है। भारतीय संविधान छह मौलिक अधिकारों की गांरटी देता है और इस पर हमने केन्द्र और राज्यो में मानवधिकार आयोगो के साथ मानवाधिकारों की अवधारण को लागू किया है। भारत में प्राप्त संसदीय संस्थागतकरण औरर न्याायिक समीक्षा प्रथाओं में डाइसी के कानून सिंद्वान्त का नियम अंतर्निहित है। प्रस्तुत शोध पत्र में भारतीय प्रशासन पर संसदीय, न्यायिक एवं जन समुदाय के लोकप्रिय नियंत्रण का अध्ययन और विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है।
Download
Pages:72-74
How to cite this article:
अमित सिंह नेगी "भारतीय प्रशासन पर लोकतांत्रिक संस्थागत नियत्रंणः-एक अध्ययन ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 1, 2022, Pages 72-74
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.