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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 8, ISSUE 1 (2022)
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा एवं भारत
Authors
सत्येंद्र कुमार, आशा राणा
Abstract
चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना श्ठम्स्ज् - त्व्।क्श् का हिस्सा बनाया गया है तथा इस गलियारे को ठत्प् परियोजना की रीढ़ कहा जा रहा है चीन इसके माध्यम से अपनी ‘मार्चिंग वेस्टवर्ड्स पाॅलिसी के अनुरूप अपने पश्चिमी, क्षेत्रांे को खोलने और विकसित करने की योजना बना रहा है क्योंकि यह गलियारा पश्चिमी चीन को सीधे अरब सागर से जोड़ेगा। लेकिन यह गलियारा पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है जो कि एक विवादित स्थल है तथा भारत इसे अपना अभिन्न अंग मानता है इसलिए भारत ने इसे अपनी सम्प्रभुता का हनन मानकर इस गलियारे का विरोध किया है। इसके अलावा यह भारत के सामरिक हितों के लिए भी एक चुनौती प्रस्तुत करता हैं एवं यह अरब सागर में भारत की एकछत्रता को भंग करने की भी कोशिश करता है तथा दक्षिण एशिया में बढ़ते चीन के कदमों की आहट भी सुनाता है और भारत दक्षिण एशिया में एक बड़ी महाशक्ति है इसलिए यह एक तरह से भारत को घेरने की कोशिश भी दिखाता है। भारत इस गलियारे पर क्या प्रतिक्रिया देता है तथा अपने सामरिक तथा आर्थिक हितों की रक्षा के लिए भारत क्या विकल्प अपना सकता है इसी को जानने का प्रयास इस लघु शोध में किया गया है।
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Pages:86-92
How to cite this article:
सत्येंद्र कुमार, आशा राणा "चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा एवं भारत ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 1, 2022, Pages 86-92
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