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VOL. 8, ISSUE 3 (2022)
मथुरा जनपद में तुलसी की कृषि का विकासः भौगोलिक अध्ययन
Authors
मधु यादव, कोमल सिंह
Abstract
कृषि मानव का एक प्राचीनतम व्यवसाय हैं यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हड्डी मानी जाती हैं। आज भारत मे खाद्यान्न फसलों, चारा फसलों, तिलहन एवं पेय फसलों के अलावा औषधीय फसलें भी होने लगी हैं उन्हीं फसलों में से एक हैं। तुलसी की कृषि। तुलसी एक औषधिय पौधा होने के साथ साथ हिन्दुओं का आध्यात्मिक पौधा भी हैं। इसकी कृषि के साथ साथ इस पौधे को लोग घर में लगाते हैं और पूजा करते हैं वर्तमान में भारत के अधिकतर राज्यों में तुलसी की कृषि होती हैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कन्नोज, मथुरा और हाथरस आदि जनपदों में तुलसी हो रही हैं। अतः तुलसी का जड़ तना पत्तियां, डाली व बीज आदि सभी काम मे आते हैं इस शोध में प्राथमिक आंकड़ों का प्रयोग किया गया है मथुरा जनपद में तुलसी के पूर्व समय में वन हुआ करते थे। इसका वर्तमान जीता जागता उदाहरण वृंदावन का निधि वन हैं भारतीय संस्कृति के चिर पुरातन ग्रंथ वेदों (अथर्ववेद 1-24) मैं भी तुलसी के गुणों एवं उपयोगिता का वर्णन मिलता हैं। अतः निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता हैं कि अध्ययन क्षेत्र मैं लिए गए सर्वेक्षण मैं समस्या कृषकों द्वारा बताई गई हैं उनके निराकरण के लिए सुझाव उपयोगी व लाभकारी होंगे
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Pages:1-6
How to cite this article:
मधु यादव, कोमल सिंह "मथुरा जनपद में तुलसी की कृषि का विकासः भौगोलिक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 3, 2022, Pages 1-6
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