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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 8, ISSUE 3 (2022)
महिला का विधिक सशक्तिकरण एवं न्यायपालिका
Authors
राधा विश्नोई
Abstract
महिलाओं के विरूद्व अपराध दिनों दिन बढते जा रहे हे ऐसे हालात में महिला सशक्तिकरण के लिए ऐसे अपराधों पर नियंत्रण होना आवश्यक है और न्यायपालिका का योगदान अपराध पर नियंत्रण और महिलाओं की स्थिति में सुधार, पुर्नवास, प्रतिकर के रूप में अग्रणी रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भारतीय संविधान के विशेष प्रावधान जिसमें मूल अधिकार मौलिक कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व के साथ ही अन्य कठोर कदम उठाए गए है शोधार्थी ने अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के साथ ही महिलाओं के लिए बने कानूनों का विवरण दिया है। महिलाओं के विरूद्व होने वाले मुख्य अपराधों के विवरण के साथ ही उच्चतम न्यायालय के समाधानों व न्यायोचित निर्णयों का उल्लेख किया गया है। वर्तमान में महिलाओं संबधि कानूनों में कमी तथा महिला सशक्तिकरण के सफल प्रयासों का भी विवरण दिया है। इस प्रकार न्यायपालिका निष्पक्ष न्याय करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का कार्य भी करती है।
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Pages:46-49
How to cite this article:
राधा विश्नोई "महिला का विधिक सशक्तिकरण एवं न्यायपालिका". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 3, 2022, Pages 46-49
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