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VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
73वें संविधान संशोधन का पंचायती राज व्यवस्था पर प्रभाव: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
Dr. Kan Raj Pooniya
Abstract
भारत में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान करने हेतु 1992 में
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम लागू किया गया, जिसने स्थानीय स्वशासन को एक नई दिशा
दी। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य इस संशोधन के प्रभावों का विश्लेषण करना है, विशेष
रूप से लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, ग्रामीण विकास और जनभागीदारी के संदर्भ में। इस संशोधन
के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला तथा त्रिस्तरीय संरचना,
नियमित चुनाव, आरक्षण व्यवस्था और वित्तीय प्रावधानों को सुनिश्चित किया गया। इससे
ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हुई तथा निर्णय प्रक्रिया
में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुदृढ़ हुई।
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Pages:159-163
How to cite this article:
Dr. Kan Raj Pooniya "73वें संविधान संशोधन का पंचायती राज व्यवस्था पर प्रभाव: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 159-163
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