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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
कांवड़ यात्रा का उद्भव एवं ऐतिहासिकताः ब्रज क्षेत्र के सन्दर्भ में
Authors
Sumit Yadav
Abstract
जब प्रथाएं काफी लम्बे समय तक सक्रिय रहती है और अपनी निरन्तरता के कारण पूर्ण रूप से जड़ जमा लेती है तो उनका जिक्र समाज की परम्पराओं के रूप में होने लगता है और इस सन्दर्भ में कांवड़ परम्परा को भी देखा जा सकता है जो अपने साथ कई मिथक और किवदन्तियां लिए हुए गतिशील है। तीर्थयात्रा एक वैश्विक घटना है जो लगभग सार्वभौमिक रूप से विभिन्न संस्कृतियों में पाई जाती है। बड़ी संख्या में तीर्थ स्थान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा वाले प्रमुख धार्मिक संस्थानों से लेकर क्षेत्रीय तीर्थस्थलों और प्रमुख तीर्थों की स्थानीय प्रतियों तक ऐतिहासिक और आधुनिक समय में विकसित हुए हैं। पवित्र स्थानों की तरफ तीर्थयात्रा हर धर्म में एक प्राचीन और सतत धार्मिक परंपरा है। प्रस्तुत लेख कांवड़ यात्रा के स्वरुप, उद्भव एवं उसके ऐतिहासिक पहलुओं के बारे में चर्चा करता हैद्य साथ ही ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिर बटेश्वर नाथ धाम के संदर्भ में कांवड़ यात्रा के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है।
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Pages:16-19
How to cite this article:
Sumit Yadav "कांवड़ यात्रा का उद्भव एवं ऐतिहासिकताः ब्रज क्षेत्र के सन्दर्भ में". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 16-19
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