Logo
International Journal of
Humanities and Social Science Research
ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 2 (2023)
1857 की क्रांति में कानपुर की भूमिका
Authors
गौरव सिंह
Abstract
इस आलेख के माध्यम से हमने 1857 की क्रान्ति में कानपुर की भूमिका का विश्लेषण किया है। यह क्रांति एक सशस्त्र सिपाही विद्रोह के रूप में शुरू हुई व जल्दी ही इसने एक शक्तिशाली जन क्रांति का स्वरूप धारण कर लिया। यह विद्रोह दो वर्षों तक भारत के विभिन्न क्षेत्रों में चला। इस हिंसक तूफान ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव को हिला कर रख दिया। कानपुर में नाना साहब,तात्या टोपे,अजीमुल्ला खां तथा अजीजनबाई ने मुख्य भूमिका निभाई। इस विद्रोह का अंत भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन की समाप्ति के साथ हुआ जिसके बाद पूरे भारत पर ब्रिटिश ताज का प्रत्यक्ष शासन प्रारम्भ हो गया।
Download
Pages:50-51
How to cite this article:
गौरव सिंह "1857 की क्रांति में कानपुर की भूमिका". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 2, 2023, Pages 50-51
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.