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VOL. 9, ISSUE 2 (2023)
महात्मा गांधी, प्रवासी दिवस एवं प्रवासी भारतीयः एक अध्ययन
Authors
अखिलेश पाल
Abstract
प्रवासी भारतीय जहां-जहां बसे वहां उन्होंने आर्थिक तंत्र को मजबूती प्रदान की और बहुत कम समय में अपना स्थान बना लिया। वे मजदूर, व्यापारी, शिक्षक अनुसंधानकर्ता, खोजकर्ता, डाक्टर, वकील, इंजीनियर, प्रबंधक, प्रशासक आदि के रूप में दुनियाभर में स्वीकार किए गए। प्रवासियों की सफलता का श्रेय उनकी परंपरागत सोच, सांस्कृतिक मूल्यों और शैक्षणिक योग्यता को दिया जा सकता है। कई देशों में वहां के मूल निवासियों की अपेक्षा भारतवंशियों की प्रति व्यक्ति आय ज्यादा है। वैश्विक स्तर पर सूचना तकनीक के क्षेत्र में क्रांति में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसके कारण भारत की विदेशों में छवि निखरी है। प्रवासी भारतीयों की सफलता के कारण भी आज भारत आर्थिक विश्व में आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।
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Pages:81-83
How to cite this article:
अखिलेश पाल "महात्मा गांधी, प्रवासी दिवस एवं प्रवासी भारतीयः एक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 2, 2023, Pages 81-83
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