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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 9, ISSUE 3 (2023)
ग्रामीण बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण में स्वयं सहायता समूहों का योगदान : जीविका के विशेष संदर्भ में
Authors
नैनिका कुमारी
Abstract
बिहार का समग्र विकास ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास पर अधिक निर्भर है क्योंकि राज्य की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। बिहार में शहरीकरण की दर बहुत कम है। बिहार में वर्ष 2022 में शहरीकरण की दर 16.2 प्रतिशत है। बिहार में वर्ष 2022 में बिहार की कुल आबादी में शहरी आबादी 2.02 करोड़ की है। बिहार के आर्थिक विकास में ग्रामीण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण विकास की अवधारणा का तात्पर्य ग्रामीणवासियों के जीवन स्तर में समग्रता से सुधार है। ग्रामीण विकास का तात्पर्य ग्रामीण आबादी को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से ऊपर उठाने की है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। ग्रामीण बिहार की कुल आबादी में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। बिहार की अर्थव्यवस्था की संरचना में प्राथमिक क्षेत्र सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद में इसका योगदान दूसरे स्थान पर है। बिहार में अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्र के उप-क्षेत्र कृषि क्षेत्र में प्रच्छ्न्न बेरोजगारी है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बहुत कम है। बिहार से अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में लोगों का पलायन हो रहा है। इस परिस्थिति में बिहार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। बिहार में श्रमशक्ति सहभागिता दर महिलाओं का मात्र 11.3 प्रतिशत है जो सभी राज्यों में सबसे कम है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात के मामले में भी यही पैटर्न दिखता है। ग्रामीण बिहार में महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात देश के सभी राज्यों के बीच सबसे कम है। इससे पता चलता है की कामकाजी उम्र की बहुत अधिक महिलाएँ आर्थिक उत्पादन के दायरे के बाहर है। बिहार सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक उपाय किए है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण और सार्थक पहल स्वयं सहायता समूहों का गठन है। इस संदर्भ में जीविका परियोजना सबसे सफल योजना साबित हुई है। बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं की तकदीर को जीविका परियोजना ने बदल दिया है। वर्ष 2007 से जीविका योजना ग्रामीण बिहार की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अपनी सार्थक भूमिका निभा रहा है।
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Pages:17-20
How to cite this article:
नैनिका कुमारी "ग्रामीण बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण में स्वयं सहायता समूहों का योगदान : जीविका के विशेष संदर्भ में". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 3, 2023, Pages 17-20
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