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VOL. 9, ISSUE 3 (2023)
महिला नेतृत्व विकास में पंचायती राज की भूमिका
Authors
डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मुकेश चौधरी
Abstract
पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेतृत्व विकास वर्तमान समय में एक बेहद जरूरी विमर्श है, क्योंकि यह संपूर्ण समाज के आधे हिस्से के बेहतरी से जुड़ा विमर्श है। पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत वह सशक्त बनाने तथा महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए भारत में स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं की विकेंद्रीकृत प्रणाली की शुरुआत हुई। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जमीनी स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। महिलाएं अपनी राजनीतिक सहभागिता को लेकर जागरूक हुई हैं जो उनके जीवन के अन्य क्षेत्रों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। वर्तमान समय में व्यापक स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सहभागिता बड़ी है, जिस कारण उनकी सामुदायिक जीवन तथा संस्कृति पर प्रभाव पड़ा है। अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि पंचायती राज संस्थाओं से ही महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता व सशक्तिकरण को एक नई दिशा प्रदान हुई है। वर्तमान समय में उन्हें विधानसभा तथा संसद में भी आरक्षण देने की मांग चल रही है। इस शोधपत्र में पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेतृत्व विकास की स्थिति का अध्ययन करने का प्रयत्न किया गया है।
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Pages:81-84
How to cite this article:
डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मुकेश चौधरी "महिला नेतृत्व विकास में पंचायती राज की भूमिका". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 3, 2023, Pages 81-84
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