ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 4 (2023)
भारत में मानव अधिकार से जुड़े पक्षों का अध्ययन
Authors
पवन कुमार
Abstract
मानव अधिकारों का अध्ययन मूलतः राज्य से जुड़ा है, क्योंकि अधिकारों के प्रश्न पर जो समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं, उनमें राज्य से संबंधित प्रश्न अधिक व्यापक और चिंता को उत्पन्न करते हैं। मानव अधिकारों की सुरक्षा का प्रश्न राज्य को ही संबोधित किया जाता है और राज्यों से आशा की जाती है कि वह अधिकारों को सुरक्षित करने का उतरदायित्त्व ग्रहण करेगा। यों अधिकारों की अवहेलना भी राज्यों के द्वारा ही मुख्य रूप से होती है। वैसे मानव अधिकार के प्रश्न को व्यक्ति और व्यक्ति के पारस्परिक संबंधों और उनकी सीमाओं के अर्थों में परिभाषित करने का प्रयास होता है, किन्तु यह प्रश्न इतना गंभीर नहीं माना जा सकता है, क्योंकि व्यक्ति द्वारा अधिकारों की अवहेलना के सामूहिक प्रभाव इतने व्यापक और गंभीर नहीं होते हैं। वर्तमान में मानव अधिकारों का विश्लेषण स्वाभाविक रूप से सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक संदर्भों में किया जा रहा है और इस क्रम में आवश्यकता एक ऐसे दृष्टिकोण की है कि हम अन्तः अनुशासनात्मक संदर्भों में अपने आकलन को प्रस्तुत करें तो वह मानव अधिकारों की व्यापक समझ को विकसित करेगा। इसी क्रम में एक ओर प्रश्न को समझना भी सामाजिक विज्ञानों में अधिक आवश्यक है क्योंकि उसका अभाव अधिकारों के उचित आंकलन में बाधक है। मानव अधिकारों की उपलब्धि में कतिपय सामाजिक प्रक्रियाओं को ले सकते हैं।
Download
Pages:27-28
How to cite this article:
पवन कुमार "भारत में मानव अधिकार से जुड़े पक्षों का अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 4, 2023, Pages 27-28
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

