ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 4 (2023)
भारत-आसियान सम्बन्धः वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएँ
Authors
डॉ. अखिलेश पाल, मनोज कुमार
Abstract
आसियान की स्थापना 1967 में हुई। अपनी स्थापना के प्रारम्भ में यह पाँच देशों का संगठन था। वर्तमान में आसियान दस सदस्य राष्ट्रों का संगठन है। आसियान दक्षिण-पूर्वी एशिया में एक विशेष स्थान रखता है। यह एक भौगोलिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा धार्मिक विविधता वाला क्षेत्र है। भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के राष्ट्रों का लम्बा सांस्कृतिक इतिहास रहा है, जिसने सदियों से उनके बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सम्बन्धों को आकार देने में मदद की है। भारत के 1990 के दशक के ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ के लाँच के बाद इस साझेदारी को और गतिशील बनाया, जिसे 2015 में ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के साथ जोड़ा गया। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी केवल एक बाहरी आर्थिक नीति नहीं है, यह दक्षिण-पूर्वी एशिया के प्रति भारत के दृष्टिकोण और उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के स्थान में एक रणनीतिक बदलाव की है। भारत-आसियान सम्बन्ध एक महत्वपूर्ण और बढ़ते हुए क्षेत्रीय साझेदारी है जो सुरक्षा, वाणिज्यिक सम्बन्ध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वित्तीय सहयोग के माध्यम से बढ़ते आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है। यह अध्ययन भारत-आसियान सम्बन्धों को महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करेगा और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालेगा।
Download
Pages:39-40
How to cite this article:
डॉ. अखिलेश पाल, मनोज कुमार "भारत-आसियान सम्बन्धः वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएँ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 4, 2023, Pages 39-40
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

