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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
नई शिक्षा नीति 2020ः सशक्त मानव पूंजी का उद्भव और चुनौतियां
Authors
उर्मिल वत्स, सुश्री लवी वत्स
Abstract
एक अच्छी शिक्षा एक बेहतर भविष्य का आधार है।
21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है। एशिया में भी भारत की तरफ ही दुनिया की नजर है। भारत ने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के बाद आजादी के इन 75 वर्षों में बहुत तरक्की की है। चाहे साइंस का क्षेत्र है, औद्योगिक उत्पादन हो, करोना काल में वैक्सीन बनाना हो, विधि क्षेत्र इत्यादि मे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई हैं, किसी भी राष्ट्र व समाज की प्रगति इस बात पर आंकी जाती है कि वहां पर मानव पूंजी का विकास सूचकांक क्या है? यह तभी संभव हो सकता है जब उनके पास सशक्त मानव पूंजी हो ! मनुष्य को अगर जीवित रहना है तो उसे जिस प्रकार भोजन चाहिए उसी प्रकार राष्ट्र को अगर सशक्त बनाना है,प्रगति के पथ पर निरंतर चलना है तो उसे सशक्त मानव पूंजी चाहिए !इसी दिशा में माननीय सद्गुणों के पूर्णतया विकास, बच्चों के पालन-पोषण, उनके चरित्र निर्माण व उनके समाज के उत्थान में राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका अदा करने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है 1968 में सबसे पहले शिक्षा नीति बनाई गई थी स फिर 1986 और 1992 मे इसको संशोधित किया गया! 2020 की शिक्षा पद्धति से पहले जो नीतियां थी और उन नीतियों में शिक्षा का जो उद्देश्य होना चाहिए था वह कहीं ना कहीं पीछे छूट रहा था! एक रटने की प्रवृत्ति अधिक लग रही थी ! 2020 की शिक्षा पद्धति में इससे निजात पाने की कोशिश की गई है ! अब देखना यह है कि धरातल पर असली जामा पहनाने के लिए हमें किन किन चुनौतियों से निपटना होगा।

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Pages:43-44
How to cite this article:
उर्मिल वत्स, सुश्री लवी वत्स "नई शिक्षा नीति 2020ः सशक्त मानव पूंजी का उद्भव और चुनौतियां". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 43-44
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