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VOL. 9, ISSUE 6 (2023)
राजस्थान में बदलता फसल परिदृश्य (बाड़मेर जिले के विशेष संदर्भ में)
Authors
हरदान राम
Abstract
राजस्थान में पारम्परिक रूप से खाद्यान फसलों जिसमें बाजरा, गेहूँ, ज्वार, मक्का, मूंग, मोठ तथा ग्वार जैसी फसलों का उत्पादन होता रहा है लेकिन पिछले कुछ समय से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से नकदी फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। इस लेख में राजस्थान के थार के रेगिस्तान में स्थित बाड़मेर जिले में सन 2005-06 से 2020-21 की अवधि में फसलों के प्रारूप या परिदृश्य में जो बदलाव आया है उसको बताया गया है। इस लेख के विश्लेषण वाले भाग से स्पष्ट होता है कि इस समय अवधि में बाड़मेर जिले में ग्वार, अनाज, दालों के अंतर्गत क्षेत्र में कमी आई है जबकि जीरा, इसबगोल, फल और सब्जी, तिलहन के अंतर्गत क्षेत्र में वृद्धि हुई है। जिन फसलों के अंतर्गत क्षेत्र में वृद्धि हुई है वे सभी व्यपारिक या नकदी फसलें है जो मुख्य रूप से सिंचाई पर निर्भर करती है अर्थात इनके अंतर्गत क्षेत्र में वृद्धि का प्रमुख कारण सिंचाई में विस्तार है। यह परिवर्तन व्यक्त करता है कि बाड़मेर जिले में परम्परागत खेती के साथ साथ कृषि में व्यपारिकरण हो रहा है या फसलों के प्रारूप में बदलाव आ रहा है।
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Pages:37-40
How to cite this article:
हरदान राम "राजस्थान में बदलता फसल परिदृश्य (बाड़मेर जिले के विशेष संदर्भ में)". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 6, 2023, Pages 37-40
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