ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 6 (2023)
उपयोगितावादी विचारधारा तथा भारत पर इसका प्रभावः एक अध्ययन
Authors
रविना
Abstract
19 वीं शताब्दी का भरतीय इतिहास तथा समाज तत्कालीन विचारो से बडा प्रभावित हुआ । शताब्दी के मध्य में जाहां भारत मे सीधा ब्रिटिश शासन स्थापित हुआ, वहां युरोप के तथा मुख्य रूप से इग्लैंड के प्रचलित विचारो का भी प्रभाव पडा । इन विचारो भी प्रभाव मे से ही एक था उपयोगितावादी विचार। इस विचार ने भारत के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षनिक राजनैतिक सभी पक्षो को प्रभावित किया।
बैथम, जेम्स मिल तथा जॉन स्टुअर्ट मिल व्दारा विकसित उपयोगितावादी चिंतन संम्पूर्ण 19 वीं शताब्दी में विश्वव्यापी हो गया था। इग्लैंड के औपनिवेशिक देशो मे इसके अनुरूप अनेक परिवर्तन, संशोधन तथा सुधार लाने के प्रयास हुए। भारत मे अनेक कानून तथा व्यवस्थएँ इस चिंतन से प्रभावित हुई । अतः उपयोगितावादी सूख और दुख को मनुष्य की प्रेरक के कानून, व्यवस्था तथा सुधारो की कसौटी तथा मापदण्ड मानते है।
भारत के संदर्भ में उनका दृष्टीकोण नकारात्मक अधिक था तथा सकारात्मक कम था। अतः उपयोगितावादी विचारो सें उदारवाद तथा सुधारवाद तो आया परंतु इसका प्रभाव सीमित ही रहा यह भरतीय जनजीवन को पूरी तरह झकझोर न सका।
Download
Pages:21-22
How to cite this article:
रविना "उपयोगितावादी विचारधारा तथा भारत पर इसका प्रभावः एक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 9, Issue 6, 2023, Pages 21-22
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

