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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 10, ISSUE 2 (2024)
भारतीय संघात्मक व्यवस्था में क्षेत्रीय दलों की भूमिकाः वर्तमान परिदृश्य
Authors
सागर साहनी, पंकज कुमार
Abstract
भारत एक संघात्मक व्यवस्था वाला देश है। जहां क्षेत्रीय दलों का विशेष महत्व है। क्षेत्रीय दल भारतीय संघात्मक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। क्षेत्रीय दलों का उदय 1989 के बाद तेजी से देखा गया है। जो राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों को प्रभावित करते थें। लेकिन वर्तमान समय में यह देखा जा रहा है कि क्षेत्रीय दल कमजोर होते जा रहे हैं। वह संसद में या राज्य विधानसभाओं में क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर चर्चा नहीं कर रहे हैं। जिससे कि क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय पटल पर नहीं आ पा रहे हैं। क्यों क्षेत्रीय दल क्षेत्रीय मुद्दे नहीं उठा रहे हैं समस्या को समझने के लिए तथ्यों का विश्लेषण करने पर यह प्रतित होता है कि केन्द्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा करिश्माई व्यक्तित्व और क्षेत्रीय स्तर के दलों में कोई प्रमुख चेहरा ना होना प्रमुख कारण हैं। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के उभरने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं एक राष्ट्र एक चुनाव का क्षेत्रीय दलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा इन सभी तथ्यों का विश्लेषण किया गया है।
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Pages:32-34
How to cite this article:
सागर साहनी, पंकज कुमार "भारतीय संघात्मक व्यवस्था में क्षेत्रीय दलों की भूमिकाः वर्तमान परिदृश्य". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 2, 2024, Pages 32-34
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