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VOL. 10, ISSUE 2 (2024)
दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय एकीकरण के समक्ष चुनौतियाँ
Authors
गरिमा यादव, अनुराधा सिंह
Abstract
द्वितीय विष्वयुद्ध के बाद विष्व के अधिकांश क्षेत्रों में देशों के मध्य आपस में पारस्परिक सहयोग के माध्यम से विकास हेतु क्षेत्रीय संगठनो की स्थापना की गई है, जैसे- यूरोप में यूरोपीय संघ, अफ्रीका में अफ्रीकन यूनियन,दक्षिण-पूर्व एशिया में आसियान की स्थापना हुई है,ठीक उसी तरह दक्षिण एशिया में दक्षेस की स्थापना हुई है। जिनका प्राथमिक उद्देश्य सदस्य देशों के आपसी सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ाना है। अंतर-क्षेत्रीय व्यापार में क्षेत्रीय संगठनों के योगदान के मामले में सार्क (5%) तुलनात्मक रूप से यूरोपियन यूनियन (55%) और आसियान (27%) के मुकाबले उल्लेखनीय प्रगति प्रदर्शित नहीं कर रहा है,अतः इस शोध-पत्र के माध्यम से दक्षिण एशियाई एकीकरण के समक्ष आने वाली चुनौतियों की पहचान करने का प्रयास किया गया है, ताकि उन बाधाओं को दूर करके इस पूरे क्षेत्र को और उनके बीच सहयोग को गतिशील बनाया जा सके।
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Pages:74-78
How to cite this article:
गरिमा यादव, अनुराधा सिंह "दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय एकीकरण के समक्ष चुनौतियाँ ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 2, 2024, Pages 74-78
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