ARCHIVES
VOL. 10, ISSUE 2 (2024)
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा समस्याः एक अध्ययन
Authors
डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन
Abstract
किसी राष्ट्र की उन्नति वहाँ उपलब्ध समृद्ध संसाधनों पर ही निर्भर नहीं करती अपितु शिक्षित नागरिकों पर भी निर्भर करती है। मानव के सर्वांगीण विकास का मूल शिक्षा है। विकसित देशों में साक्षरता सर्वव्यापक है, परन्तु विकासशील एवं पिछड़े देशों में इसके वितरण में असमानता पाई जाती है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ की अधिकांश जनसंख्या गाँव में निवास करती है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में साक्षरता दर काफी कम पाई जाती है। यहाँ शैक्षिक विकास हेतु अनेक योजनाएँ बनाई गई है फिर भी शैक्षिक पिछड़ेपर के लिए भारतीय समाज की सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक परिस्थितियाँ मुख्य रूप से उत्तरदायी है। शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियों को लागू कर सकते हैं।
Download
Pages:86-88
How to cite this article:
डॉ. बलभद्र प्रसाद देवांगन "ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा समस्याः एक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 2, 2024, Pages 86-88
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

