ARCHIVES
VOL. 10, ISSUE 3 (2024)
वर्तमान भारत में मृत्यु दंड की प्रासंगिकता का विश्लेष्णात्मक अध्ययन
Authors
विवेक कुमार राय, अमित वर्मा
Abstract
मृत्युदंड सभी सजाओं का उच्चतम रूप है, इससे अधिक किसी को सजा नहीं दी जा सकती। मानवतावादी सुधारों की दिशा में आपराधिक प्रकिया में भी सुधार के प्रयास किए जा रहे है जिसमें एक प्रमुख प्रश्न मृत्युदंड की प्रासंगिकता का भी है। एक सभ्य समाज में मृत्युदंड होना चाहिए या नहीं, इसे क्रियान्वित करने की विधि क्या हो आदि ऐसे प्रश्न है जिनका उत्तर खोजने का प्रयास नागरिक समाज, सरकार एवं न्यायपालिका द्वारा निरंतर किया जा रहा है। प्रस्तुत लेख में इन प्रश्नों के सम्बन्ध में विभिन्न मतों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही अंत में सुझाव भी दिया गया है जिसके द्वारा मृत्युदंड को मानवीय, तीव्र, निष्पक्ष बनाया जा सकता है।
Download
Pages:25-29
How to cite this article:
विवेक कुमार राय, अमित वर्मा "वर्तमान भारत में मृत्यु दंड की प्रासंगिकता का विश्लेष्णात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 3, 2024, Pages 25-29
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

