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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 10, ISSUE 5 (2024)
समणसन्त सेवालाल के जीवन दर्शन का बंजारा महिलाओं में शैक्षणिक प्रभाव
Authors
मुकेश राठौर, डॉ0 शीतल झा
Abstract
इस प्रस्तुत आलेख के अध्ययन में बंजारा इतिहास में संपूर्ण वर्णन समण संस्कृति का इतिहास मिलता है। जिस समण संस्कृति की परंपरा में अनेक संत हुये है। समण सन्त सेवालाल इसी परंपरा के परावर्तक रहें है। उनका जीवन दर्शन बंजारा इतिहास में केन्द्रित है। उनके सिद्धांत उनका जीवन दर्शन से बंजारा समुदाय में ज्ञान का प्रकाश की नई रोशनी डाली है। उनकी शिक्षाओं का प्रभाव बंजारा समुदाय की महिलाओं में आज भी परंपरा रीति रिवाज की रूढ़ी चलन में देखने को मिलता है। इससे कह सकते है कि समण संत का जीवन दर्शन महिलाओं के सशक्तीकरण बनाने में उनकी शिक्षाओं का शैक्षणिक प्रभाव का नतीजा है कि शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रही है। जो समुदाय घुमंतु खानाबदोस में जीवनयापन करते थे वे अब समण के रास्ते पर चलकर महासमण महापुरिष डॉ अम्बेडकर जैसे बोधिसत्व व महासमण तथागत बुद्ध के जीवन को प्रेरणा मानकर अपने जीवन में परिवर्तन लाया है। आलेख के विश्लेषणात्मक अध्ययन में समण संत सेवालाल के जीवन दर्शन का प्रभाव है कि बंजारा महिलाओं में समाजिक शैक्षणिक उत्थान हुआ है। इसका परिणामस्वरूप है कि अब उनकी प्रमुख पहचान घुमंतु बंजारा जनजाति के रूप में राजस्थान, उत्तर-पश्चिमी से लेकर गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और आज़ादी से पहले पाकिस्तान का पूर्वी सिंध प्रांत तक फैला था वह बंजारा समुदाय अपनी पहचान के साथ विश्वपटल में खड़ा हो चुका है। उनका दावा है कि हमारा व्यवसाय पूरे दुनिया में फैला था जिनके बारे में अग्निवंशीराजपूतों के वंश से संबंधित हैं माना जाता है। इन्हे विभिन्न नामों विभिन्न पहचानों से बुलाते है जैसे बंजारी, लमाड़ी, लम्बानी, लभानी, के नाम से भी जाना जाता है। लम्बारा, टांडा, वंजारी, वंजारा और वानजी। डोम्बा के साथ, उन्हें कभी-कभी भारत की जिप्सी भी कहा जाता है। उनकी सांस्कृतिक परंपरा मंे महिलाएं फेटवा और कांचली जैसी रंगीन और सुंदर पोशाकें पहनने के लिए जानी जाती हैं हाथों पर मेहंदी और टैटू बनवाती हैं। इसके साथ साथ पश्चिमी संस्कृतियों में पोशाक को फैंसी और आकर्षक मानतें है। यह परिवर्तन आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में समण सन्त सेवालाल की परांपरिक शिक्षा की अहम भूमिका मानी जाती है।
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Pages:39-42
How to cite this article:
मुकेश राठौर, डॉ0 शीतल झा "समणसन्त सेवालाल के जीवन दर्शन का बंजारा महिलाओं में शैक्षणिक प्रभाव". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 5, 2024, Pages 39-42
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