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VOL. 10, ISSUE 6 (2024)
कोरोना महामारी के समय पुलिस का स्वरुप
Authors
डॉ. मोहित कुमार नायक
Abstract
दुनिया का प्रत्येक देश अपने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को परिपूर्ण एवं विकसित करने के लिए अग्रसर रहता है। कई देश अप्रत्याशित महामारियों से प्रभावित होते हैं जिसकी वजह से जनधन की हानि उनके विकास की राह में रोड़ा बनती है। कोरोना महामारी एक अप्रत्याशित महामारी थी जिसने पूरे विश्व को झकझोर दिया। इस विषम परिस्थिति से लड़ने के लिए कई देशों को जनधन की अपार हानि उठानी पड़ी। कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए एक सबक के रूप में था विशेष रूप से भारत के लिए जहा इस अप्रत्याशित महामारी में कई लोगों की मौत हुई। भविष्य में प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य दृष्टि में हमारी सरकारों को ऐसी भयंकर महामारियों से निपटने के लिए कई प्रकार के नए मॉडल एवं योजनाओं को बनाने की आवश्यकता रहेगी। इस विषम परिस्थिति में पुलिस की भूमिका प्रत्येक देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने इस अप्रत्याशित महामारी के दौरान लॉकडाउन एवं कानून व्यवस्था का पालन करवाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई परंतु पुलिस को ऐसी महामारियों से निपटने के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण नहीं होना एक बहुत बड़ी समस्या थी। कोरोना ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर एक गहरा वार किया एवं कई देशों को आर्थिक रूप से अपंग कर दिया। भविष्य में हमें हमारे देश में ऐसी परिस्थितियों से लड़ने के लिए पुलिस को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है जिससे भविष्य में आमजन सुरक्षित एवं स्वस्थ रह सके।
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Pages:32-34
How to cite this article:
डॉ. मोहित कुमार नायक "कोरोना महामारी के समय पुलिस का स्वरुप". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 10, Issue 6, 2024, Pages 32-34
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