ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 1 (2025)
पीसमेकिंग, पीसकीपिंग एवम् पीसबिल्डिंग: एक अवधारणात्मक विश्लेषण
Authors
डॉ शिवम् त्रिपाठी, शिव हर्ष सिंह
Abstract
यह लेख संयुक्त राष्ट्र शान्ति अनुरक्षण संक्रियाओं के तीन प्रमुख अवधारणाओं ‘पीसबिल्डिंग’, ‘पीसकीपिंग’ तथा ‘पीसबिल्डिंग’ के व्यापक विश्लष्ेाण पर केन्द्रित है तथा यह शान्ति एवम् इसके सकारात्मक एवम् नकारात्मक स्वरूप की व्याख्या प्रस्तुत करता हैं। संयुक्त राष्ट्र शान्ति अनुरक्षण संक्रियाएँ पिछले 76 वर्षों से विश्व में शान्ति एवम् सुरक्षा स्थापित करने के प्रमुख उपकरण के रूप में कार्य कर रही है। द्वितीय महायुद्ध के पश्चात् महाशक्तियों (USA & USSR) के बीच आपसी मनमुटाव तथा अविश्वास के कारण उत्पन्न शीतयुद्ध के दौरान वीटो शक्ति ने सुरक्षा परिषद् की क्रियाशीलता को व्यापक स्तर पर प्रभावित किया जिसके परिणामस्वरूप पीसकीपिंग मिशन अस्तित्व में आया। वर्तमान समय में संयुक्त राष्ट्र शान्ति अनुरक्षण संक्रियाएँ बहुआयामी प्रक्रिया बन गयी हैं जिसका प्रयोग न केवल शान्ति और सुरक्षा बनाये रखने के लिये किया जाता है बल्कि राजनीतिक प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने, नागरिकों की रक्षा करने, कानून के शासन की पुनर्स्थापना, मानवाधिकारों की रक्षा करना, सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण आदि कार्य भी सम्पन्न किये जाते हैं।
Download
Pages:8-13
How to cite this article:
डॉ शिवम् त्रिपाठी, शिव हर्ष सिंह "पीसमेकिंग, पीसकीपिंग एवम् पीसबिल्डिंग: एक अवधारणात्मक विश्लेषण". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 1, 2025, Pages 8-13
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

