ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में गांधी की प्रासंगिकतारू भ्रष्टाचार के विशेष संदर्भ में
Authors
मनीषा चौधरी
Abstract
दुनिया के सबसे सफल लोकतंत्र संयुक्त राज्य अमेरिका ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जारी किए गए बयानों के संदर्भ में राजनीतिक परिपक्वता का परिचय देते हुए गांधी के आदर्शों को अपनाने की बात कही है। गांधी के विचार और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है क्योंकि वे मानव मूल्यों, सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय पर आधारित हैं। गांधीवादी विचार व्यापक रूप से प्राचीन भारतीय दर्शन के प्रेरणा पाते हैं और जिनकी प्रासंगिकता अब भी बरकरार है। वैश्वीकरण के इस दौर में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ की अवधारणा गांधीजी के कारण ही प्रासंगिक है। आज इस आतंक, जातिवाद, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक तनाबव में घिरे विश्व के लिए गांधीवाद ही एक रास्ता है जिसके माध्यम से शांति एवं सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। गांधी की अहिंसा, सत्याग्रह, नई तालीम, ट्रस्टीशिप, करूणा, सत्य, सरल जीवन और उच्च विचार जैसे आदर्श भ्रष्टाचार के निराकरण में सहायक हैं।
Download
Pages:60-61
How to cite this article:
मनीषा चौधरी "भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में गांधी की प्रासंगिकतारू भ्रष्टाचार के विशेष संदर्भ में". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 60-61
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

