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VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की जड़ें: पंचायती राज की सामाजिक भूमिका
Authors
Devendra Gulhare
Abstract
पंचायती राज व्यवस्था भारत में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाला एक प्रभावशाली तंत्र है, जो आम जनता को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार देता है। यह प्रणाली ग्रामीण स्तर पर शासन और विकास को सशक्त बनाती है, जिससे स्थानीय नागरिकों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। हालांकि, इसे वित्तीय संसाधनों की कमी, प्रशिक्षण के अभाव और पारदर्शिता की चुनौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि इन चुनौतियों को दूर कर जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए, तो यह व्यवस्था गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार कर सकती है और ग्रामीण भारत को समावेशी विकास की ओर अग्रसर कर सकती है।
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Pages:50-52
How to cite this article:
Devendra Gulhare "छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की जड़ें: पंचायती राज की सामाजिक भूमिका". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 50-52
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