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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 11, ISSUE 4 (2025)
गांधी के विचारों पर भारतीय धर्म दर्शन का प्रभाव और जीवन काल में महत्व
Authors
सुनिता मौर्य, डॉ अफरोज अहमद
Abstract
मोहनदास करमचन्द गांधी जी का जन्म संवत् 1925 की भादों बारस के दिन, अर्थात 2 अक्टूबर 1969 को काठियावाड़ के पोरबन्दर अथवा सुदामापुरी नामक स्थान पर एक सम्पन्न गुजराती परिवार में हुआ था। इनकी माता धार्मिक प्रवृत्ति वाली एक उदार महिला थीं। उनकी धार्मिक मनोवृत्ति का सम्पूर्ण परिवार पर प्रभाव पड़ा। गांधी जी के व्यक्तित्व निर्माण में भी परिवार व समाज की महत्वपूर्ण भूमिका थी । उनके नैतिक विचारों का निर्माण बचपन में ही प्रारम्भ हो गया था ।गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, परोपकार, सेवा, त्याग, इत्यादि सद्गुणों को भी अपने परिवार से सिखा । उनके पिता जी स्वयं कुटुम्ब - प्रेमी, सत्य प्रिय, शूर, आदि थे, जिसका प्रभाव गांधी जी पर बचपन में पड़ा। श्हरिश्चन्द्रश् और  श्श्रवण-पितृभक्तिश् नामक नाटक ने उनके मन में माता-पिता के प्रति अखंड श्रद्धा, भक्ति तथा सेवा की भावना को उत्पन्न किया । गांधी जी ने अपने जीवन में जिन नैतिक सिद्धान्तों को महत्व प्रदान किया और समाज में आजीवन जिस नैतिक विचारों का प्रचार किया, उन सब की मूल शिक्षा उन्हें अपने परिवार से ही मिली थी। अतः कहा जा सकता है कि उनके नैतिक दर्शन में पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण की विशेष भूमिका रही है । इसी प्रकार गांधी जी ने सर्वधर्म समभाव की शिक्षा भी अपने पारिवारिक वातावरण से ही प्राप्त की।
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Pages:115-119
How to cite this article:
सुनिता मौर्य, डॉ अफरोज अहमद "गांधी के विचारों पर भारतीय धर्म दर्शन का प्रभाव और जीवन काल में महत्व". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 4, 2025, Pages 115-119
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