Logo
International Journal of
Humanities and Social Science Research
ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 5 (2025)
रजोनिवृत्ति के दौरान उत्पन्न होनेवाली चिंता विकृति की समस्या पर योगिक प्रबंधन: एक प्रयोगात्मक अध्ययन
Authors
Varsha Joshi, Dr. Bimal Paul
Abstract
रजोनिवृत्ति नारी जीवन की एक स्वाभाविक और जैविक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 45दृ55 वर्ष की आयु के बीच घटित होती है। इस अवस्था में हार्माेनल असंतुलन के कारण महिलाओं में शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन दिखाई देते हैं। इनमें गरमी का अनुभव, थकान, नींद की समस्या जैसे शारीरिक लक्षणों के साथदृसाथ चिंता, अवसाद, चिड़चिड़ापन और भावनात्मक अस्थिरता जैसी मानसिक समस्याएँ भी प्रमुख होती हैं। प्रस्तुत शोधपत्र का उद्देश्य रजोनिवृत्ति के दौरान उत्पन्न चिंता विकृति (।दगपमजल क्पेवतकमत) पर योगाभ्यास के प्रभाव का परीक्षण करना है। इस हेतु 60 महिलाओं (आयु 35दृ50 वर्ष) को यादृच्छिक रूप से दो समूहों में विभाजित किया गया दृ नियंत्रण समूह (30) और प्रैक्टिस समूह (30)। प्रैक्टिस समूह को 12 सप्ताह तक निर्धारित योगदृप्रोटोकॉल (आसन, प्राणायाम और ध्यान) कराया गया जबकि नियंत्रण समूह ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। च्ंपतमक ज-जमेज द्वारा आँकड़ादृविश्लेषण किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि नियंत्रण समूह में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुआ (च = 0.19), जबकि प्रैक्टिस समूह में चिंता स्तर में सांख्यिकीय रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण कमी (च ढ 0.0001) हुई। अतः यह निष्कर्ष निकला कि योगाभ्यास रजोनिवृत्ति के दौरान मानसिक स्वास्थ्य सुधार का एक प्रभावी साधन है और इसे वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाया जा सकता है। ज्ञमलूवतकेरू रजोनिवृत्ति, चिंता विकृति, योगाभ्यास, मानसिक स्वास्थ्य, प्रायोगिक अध्ययन
Download
Pages:88-89
How to cite this article:
Varsha Joshi, Dr. Bimal Paul "रजोनिवृत्ति के दौरान उत्पन्न होनेवाली चिंता विकृति की समस्या पर योगिक प्रबंधन: एक प्रयोगात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 5, 2025, Pages 88-89
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.