ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 5 (2025)
भानुप्रताप शुक्ल की पत्रकारिता में संस्कृति की उपादेयता का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
आदित्य देव त्यागी
Abstract
भारतीय पत्रकारिता में सनातनी पत्रकारिता के क्षेत्र में अद्वितीय स्थान अर्जित करने वाले भानुप्रताप शुक्ल ने अपने लेखन से भारतीय जनमानस को लंबे समय तक जागृत किया है। शुक्ल के आलेख सनातन भारतीय संस्कृति के साक्षात दस्तावेज रूप में पाठकों के मानसपटल पर गहरी छाप छोड़ते हैं। उनका सांस्कृतिक संचेतना का भाव जागरण उनको समकालीन पत्रकारों में अग्रणी बनाता है। उनके दृष्टिपथ में राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक जो भी विषय आया, वही संपादकीय प्रणयन की भावभूमि बन गया। एक मौलिक, सर्वकालिक तथा सार्वभौमिक विचारक के रूप में उनके चिंतन के मूल में विश्व, राष्ट्र, समाज, परिवार, व्यक्ति से लेकर मानवीय विकास की सनातन परंपरा निहित है। वे ‘स्व’ तथा ‘स्वदेशी’ में ही भारतीयों के आत्मोत्थान का मार्ग देखते हैं। वेद से लेकर स्वामी विवेकानंद तक की वाणी में सुने और समझे तर्कों तथा तत्वों की सहज और सुखद अनुभूति उनके लेखन में दृष्टिगोचर होती है।
‘राष्ट्र धर्म’, ‘पाञ्चजन्य’, ‘तरुण भारत’, ‘राष्ट्रीय सहारा’, ‘पंजाब केसरी’, ‘स्वदेश’ समेत ‘दैनिक जागरण’ जैसे समाचार पत्र को अपनी लेखनी से अभिषिक्त करने वाले भानुप्रताप शुक्ल की पत्रकारिता के सांस्कृतिक चिंतन पक्ष पर पर्याप्त विचार विमर्श तो होता रहा है किंतु अकादमिक जगत में इस महत्तवपूर्ण पक्ष पर शोध की स्थिति स्नेहशून्य रही है। शुक्ल की पत्रकारिता में संकृति संचेतना को सविस्तार समझने के लिए उनके आलेखों, पुस्तकों, वक्तव्यों का अध्ययन अपेक्षित है। शोधार्थी ने प्रस्तुत शोध में इसी बिंदु को ध्येय रखते हुए समग्र अध्ययन का प्रयास किया है। शोध अध्ययन का मुख्य प्रश्न वर्तमान पीढ़ी के पत्रकारों, संपादकों तथा स्तंभ लेखकों के लिए भानुप्रताप शुक्ल की पत्रकारिता में संस्कृति की उपदेयता है। उनका सांकृतिक चिंतन आज भी राजनेताओं तथा समाज सुधारकों समेत समाज जीवन से जुड़े हर व्यक्ति के लिए पाथेय बना हुआ है। शोध अध्ययन का निष्कर्ष स्थापित करता है कि एक प्रखर सामाजिक और सांस्कृतिक चिंतक, विचारक तथा पत्रकार के रूप में शुक्ल सदैव अग्रणी बने रहेंगे। उनका स्पष्टवादी लेखन भारतीय संस्कृति की समृद्ध एवं गर्वोज्ज्वल परंपरा का साकार चित्रण है।
Download
Pages:107-110
How to cite this article:
आदित्य देव त्यागी "भानुप्रताप शुक्ल की पत्रकारिता में संस्कृति की उपादेयता का विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 5, 2025, Pages 107-110
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

