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VOL. 11, ISSUE 5 (2025)
मध्यकालीन संत मीरा बाई के धार्मिक जीवन का अध्ययन
Authors
ओम प्रकाश
Abstract
मीरा बाई मध्यकालीन भक्ति आंदोलन की महान संत और कवियत्री मानी जाती हैं, उसने राजस्थान के धार्मिक जीवन को एक नई दिशा दी। उनका जन्म 1498 ईस्वी में मेवाड़ के कुम्भलगढ़ किले के पास हुआ था, और उनका जीवन और काव्य भारतीय भक्ति साहित्य के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बन चुका है। मीरा बाई ने भक्ति, प्रेम और समानता का संदेश दिया, और उनका योगदान न केवल धार्मिक अपितु सामाजिक परिवर्तन में भी महत्वपूर्ण है। मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन ने धार्मिक और सामाजिक जीवन को नए रूप में प्रस्तुत किया। भक्ति आंदोलन का उद्देश्य भक्तों के बीच ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण को प्रोत्साहित करना था। यह आंदोलन मुख्यतः भगवान के प्रति प्रेम को उच्चतम धार्मिक अनुभव मानता था, और इसमें जाति, धर्म, और अन्य सामाजिक बाधाओं का कोई स्थान नहीं था। मीरा बाई इस आंदोलन की प्रमुख हस्ती के रूप में उभरीं। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी निष्ठा और प्रेम को अपनी कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया।
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Pages:141-143
How to cite this article:
ओम प्रकाश
"मध्यकालीन संत मीरा बाई के धार्मिक जीवन का अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 5, 2025, Pages 141-143
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