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VOL. 11, ISSUE 5 (2025)
मातृभूमि की रक्षा में महाराणा प्रताप का योगदान
Authors
डॉ. प्रतापसिंह राणाजी वेंजिया
Abstract
महाराणा प्रताप, मेवाड़ के वीर शासक, मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक माने जाते हैं। यह अध्ययन उनके योगदान का बहुआयामी मूल्यांकन करता है, जिसमें राजनीतिक, सैन्य, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। जबकि 16वीं शताब्दी में अधिकांश राजपूत शासक मुग़ल साम्राज्य के अधीन हो चुके थे, महाराणा प्रताप ने स्वतंत्रता और स्वाभिमान बनाए रखने को प्राथमिकता दी। शोधपत्र उनके शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, हल्दीघाटी (1576) के युद्ध की रणनीति और उसके बाद अपनाई गई गोरिल्ला युद्ध नीति का विश्लेषण करता है। इसके साथ ही उनके प्रशासनिक सुधार, जनकल्याण पहल और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों का मूल्यांकन भी किया गया है। तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट होता है कि महाराणा प्रताप का नेतृत्व न केवल साहस और धैर्य में अद्वितीय था, बल्कि नैतिक और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों में भी मिसाल कायम करता है।
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Pages:173-177
How to cite this article:
डॉ. प्रतापसिंह राणाजी वेंजिया "मातृभूमि की रक्षा में महाराणा प्रताप का योगदान". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 11, Issue 5, 2025, Pages 173-177
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