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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
दक्षिण एशिया में भारत की विदेश नीति का रूपांतरण: पड़ोसी प्रथम दृष्टिकोण से बहु-संरेखण की रणनीति तक (2014-2024)
Authors
डॉ विवेक कुमार राय, अभिषेक कुमार मणिक
Abstract
भारत की पड़ोसी देशों के प्रति विदेश नीति में वर्ष 2014 के बाद से महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे गए हैं। "नेबरहुड फर्स्ट" की अवधारणा से शुरू हुई यह नीति रणनीतिक व्यावहारिकता, भू-राजनीतिक चुनौतियों और बहुपक्षीय समन्वय के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है। यह शोध पत्र 2014 से 2024 के दशक में भारत की पड़ोसी-केंद्रित विदेश नीति का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें नेहरूवियन आदर्शवाद से लेकर मोदी-युग की रणनीतिक स्वायत्तता तक की ऐतिहासिक निरंतरता और परिवर्तन का परीक्षण किया गया है। पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान और मालदीव के साथ द्विपक्षीय संबंधों की जटिलताओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। साथ ही, सार्क की निष्क्रियता और बिम्सटेक के उभार जैसे बहुपक्षीय मंचों की भूमिका का भी आकलन किया गया है। चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के संदर्भ में भारत की प्रतिक्रिया और आर्थिक एकीकरण बनाम सुरक्षा प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन की चुनौतियों को रेखांकित किया गया है। अंत में, नीतिगत सिफारिशों के साथ यह शोध भारत की पड़ोसी नीति को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने का मार्ग सुझाता है।
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Pages:58-62
How to cite this article:
डॉ विवेक कुमार राय, अभिषेक कुमार मणिक "दक्षिण एशिया में भारत की विदेश नीति का रूपांतरण: पड़ोसी प्रथम दृष्टिकोण से बहु-संरेखण की रणनीति तक (2014-2024)". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 58-62
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