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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
ग्रामीण बिहार की महिलओं के वित्तीय आत्मनिर्भरता में जीविका स्वयं सहायता समूहों की भूमिका: एक समीक्षात्मक अध्ययन
Authors
डॉ. कमलेश कुमार
Abstract
बिहार की कुल आबादी में आधी आबादी महिलाओं की हैं। ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर जनसंख्या आज भी कृषि पर निर्भर है। कृषि में सालोभर काम नहीं मिलने के कारण अधिकांश पुरुष रोजगार के तलाश में पलायन कर जाते है। उस परिस्थिति में घर-परिवार चलाने के लिए महिलाओं की भूमिका बढ़ जाती है। जहाँ बहुंत ही पेचीदा सामाजिक, आर्थिक समस्याएरू- गरीबी, भूमिहीनता, सीमित रोजगार पारंपरिक लिंग भेद अधिक व्यापक है। इस शोध पत्र के माध्यम से हम जानने का प्रयास करेंगे की इन समस्याओं के बावजूद भी ग्रामीण बिहार की महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूहों (ैभ्ळै) से जुड़कर अपने-आप को आर्थिक रूप से कैसे आत्मनिर्भर बना रही है। साथ-साथ सामजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक गतिविदियों में बढ़-चदकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है तथा परिवार एवं समाज के निर्णय प्रक्रिया में कैसे अपना सहयोग कर रही है। साथ ही इस शोध पत्र के माध्यम से जीविका स्वयं सहायता समूह के सदस्य महिलाएं एवं गैर सदस्य महिलाएं का भी तुलनात्मक विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है।
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Pages:232-234
How to cite this article:
डॉ. कमलेश कुमार "ग्रामीण बिहार की महिलओं के वित्तीय आत्मनिर्भरता में जीविका स्वयं सहायता समूहों की भूमिका: एक समीक्षात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 232-234
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