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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
ऑनलाइन गेमिंग से बच्चों और किशोरों में होने वाले व्यावहारिक परिवर्तन का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण
Authors
डॉ. डिंपल बंजारा
Abstract
वर्तमान समय में इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के तीव्र विकास के कारण ऑनलाइन गेमिंग बच्चों और किशोरों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हो गई है। स्मार्टफोनए टैबलेट और कंप्यूटर की उपलब्धता ने बच्चों के मनोरंजन के तरीकों को बदल दिया है। ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के मानसिक विकासए सामाजिक व्यवहार और शैक्षिक प्रदर्शन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के प्रभाव डाल सकती है। इस शोध.पत्र का उद्देश्य बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग के कारण होने वाले व्यवहारिक परिवर्तनों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में वर्णनात्मक और विश्लेषणात्मक शोध पद्धति का उपयोग किया गया है। अध्ययन के लिए 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को नमूने के रूप में लिया गया तथा प्रश्नावली के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया। अध्ययन से यह पाया गया कि अत्यधिक ऑनलाइन गेम खेलने वाले बच्चों में आक्रामकताए चिड़चिड़ापनए ध्यान की कमी और सामाजिक अलगाव जैसे व्यवहारिक परिवर्तन देखे गए। इसके साथ ही कुछ सकारात्मक प्रभाव भी सामने आएए जैसे समस्या.समाधान क्षमता में सुधारए त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और हाथ.आंख समन्वय का विकास। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि यदि ऑनलाइन गेमिंग का उपयोग नियंत्रित और संतुलित रूप से किया जाएए तो इसके सकारात्मक प्रभाव प्राप्त किए जा सकते हैं तथा नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।
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Pages:326-329
How to cite this article:
डॉ. डिंपल बंजारा "ऑनलाइन गेमिंग से बच्चों और किशोरों में होने वाले व्यावहारिक परिवर्तन का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 326-329
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