भारत में Denotified and
Nomadic Tribes (DNTs) का इतिहास औपनिवेशिक नीतियों और सामाजिक बहिष्करण से गहराई से
जुड़ा हुआ है। 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश सरकार ने Criminal Tribes Act 1871 लागू किया,
जिसके तहत कई घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों को जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया गया।
इस कानून ने इन समुदायों की सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक अवसरों और सांस्कृतिक पहचान
पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाला। यद्यपि स्वतंत्रता के बाद इस कानून को समाप्त कर दिया
गया और इन समुदायों को “Denotified Tribes” का दर्जा दिया गया, फिर भी सामाजिक लांछन
और भेदभाव आज तक बना हुआ है। यह शोध-पत्र इस कानून की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके सामाजिक
प्रभावों तथा वर्तमान समय में DNT समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण
करता है।
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

