Logo
International Journal of
Humanities and Social Science Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 2 (2026)
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के समक्ष समस्याएँ एवं प्रभाव
Authors
सुनिता चौधरी
Abstract
पंचायती राज व्यवस्था ने ग्रामीण राजनीति में परिवर्तन किया। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 के तहत पंचायती राज एवं नगरीय निकायों में प्रत्येक स्तर पर कुल सीटों का कम से कम एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित हुए। पंचायती राज प्रणाली का मुख्य परिणाम सामाजिक परिवर्तन के रूप में सामने आया है और इसने बाल-विवाह, जुऐं की प्रवृत्ति और नशे की लत जैसी सामाजिक बुराइयों में कमी लाने में मदद की है। पंचायती राज के माध्यम से ग्राम समाज का सशक्तिकरण हुआ है। इससे महिला साक्षरता स्तर में वृद्धि हुई है और घरेलू हिंसा की घटनाओं में कमी आई है ।
Download
Pages:250-251
How to cite this article:
सुनिता चौधरी "पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के समक्ष समस्याएँ एवं प्रभाव". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 250-251
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.