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VOL. 5, ISSUE 5 (2019)
जनसंपर्क और विज्ञापन एवं दूरस्थ शिक्षा (उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के विशेष सन्दर्भ में) ।
Authors
डॉ0 राकेश चन्द्र रयाल
Abstract
उपरोक्त अध्ययन से ज्ञात होता है कि दूरस्थ शिक्षा पद्धति या उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के विशेष संदर्भ में जनसंपर्क एवं विज्ञापन की उपयोगिता की बात करें तो विश्वविद्यालय के प्रचार – प्रसार एवं उत्थान में जनसंपर्क एवं विज्ञापन ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। मुक्त शिक्षा प्रणाली घर बैठ कर या नौकरी के साथ- साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। आप अपनी नौकरी-पेशे के साथ – साथ शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं। यहां छात्र सीधे तौर पर न विश्वविद्यालय के सम्पर्क में रहता है और न अपने कालेज एवं अध्यापक के, उसे दिये जाने वाली अध्ययन सामग्री ही उसका अध्यापक और प्राध्यापक होता है। ऐसे में छात्र से सम्पर्क स्थापित करने के लिए उसे संस्थान की हर गतिविधियों से अवगत कराने के लिए जनसंपर्क एवं विज्ञापन का बहुत बडा योगदान है। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय पी0 एच0 डी0,डिग्री, पी0 जी0 डिप्लोमा, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्रों में कम से कम 90 पाठ्यक्रमों का संचालन पूरे राज्य में अपने 110 अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से कर रहा है। यहां विश्वविद्यालय को अपनी हर एक शैक्षिक गतिविधियों, आवश्यक सूचनाओं, जानकारियों को संचार के माध्यमों एवं संवाद- सूचनाओं के अन्य विधाओं के द्वारा छात्र- छात्राओं तक पहुंचानी होती है। इसके लिए जनसंपर्क एवं विज्ञापन जनसंचार व जनसंवाद के प्रभावी माध्यम हैं। छात्र- छात्राओं के अलावा विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 8 क्षेत्रीय कार्यालयों 110 अध्ययन केन्द्रों के मध्य समन्वय स्थापित करना भी आवश्यक है, दूसरी ओर देखें तो जनता और विशेषकर उत्तराखण्ड की भौगोलिक –सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर देखें तो यहां के अधिकतम लोग दूरस्थ शिक्षा के बारे में और इसके महत्व से अनजान हैं, ऐसे में लोगों को दूरस्थ शिक्षा के बारे में समझाना और इसके महत्व से अवगत कराने में जनसंपर्क और विज्ञापन विभाग महत्वपर्ण्ूा भूमिका निभा रहा है। इस शोध पत्र में यह जानने की पूरी कोशिश की गयी थी कि किस तरह से दूरस्थ शिक्षा मे और इसके प्रचार – प्रसार में जनसंपर्क और विज्ञापन का महत्व है, आज के संदर्भ में न्यू मीडिया या डिजिटल मीडिया के उपयोग से किस तरह जनसंपर्क और विज्ञापन जैसी विधाओं को प्रभावी बनाया जाये इस पर भी अध्ययन किया गया जिससे पता चला कि वेब मीडिया या डिजिटल मीडिया के उपयोग में भी उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय काफी अग्रणीय है।
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Pages:216-222
How to cite this article:
डॉ0 राकेश चन्द्र रयाल "जनसंपर्क और विज्ञापन एवं दूरस्थ शिक्षा (उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के विशेष सन्दर्भ में) ।". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 5, Issue 5, 2019, Pages 216-222
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