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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
भारत में महिला कैदियों की स्थिति
Authors
Amit Verma
Abstract
वर्तमान भारतीय कारागार व्यवस्था का क्रियान्वयन सन् 1894 के कानून के द्वारा होता है जिस कारण आज भी कैदियों के साथ वैसी ही समस्याएं बनी हुई हैं जैसी औपनिवेशिक काल के दौरान बनी हुई थी । यद्यपि समय-समय पर जेलों और कैदियों की स्थिति में सुधार के विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए है लेकिन कारागारों की दयनीय स्थिति, क्षमता से अधिक कैदियों का होना, जेल के भीतर अत्याचार, मानवीय दशाओं का न होना आदि ऐसे गम्भीर विषय भारतीय कारागारों की वास्तविक स्थिति को दर्शाते है । ऐसी समस्याएं तब और भी गम्भीर बन जाती है जब बुजुर्ग, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, महिला और बच्चे जैसे भेद्य वर्ग (Vulnerable Group) इसके भुक्तभोगी बनते है । इस शोध प्रपत्र में महिला कैदियों की जेल में स्थिति, जेल के भीतर उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार और उनपर पड़ने वाले प्रभावों के साथ उनकी इन समस्याओं का निदान करने के लिए अभी तक किए गए प्रयासों का अध्ययन किया गया है । अंत में लेखक के द्वारा भी कुछ सुझाव दिए है जिससे वर्तमान के प्रावधानों के अंतर्गत भी महिला कैदियों की स्थिति बेहतर की जा सके ।
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Pages:17-21
How to cite this article:
Amit Verma "भारत में महिला कैदियों की स्थिति ". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 17-21
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